इस मंदिर में लगती है भूतों की अदालत, प्रेतात्माएं करती हैं डांस

जंजीरों में बंधे होते हैं भूत : क्या हैं मंदिर की खासियतें

  • यह मंदिर लगभग 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है।
  • लोग कहते हैं की यहां एक विशाल चट्टान है, जिस पर हनुमानजी की आकृति खुद ब खुद उभर आई थी।
  • यह आकृति इतनी साफ है कि ऐसा लगता है, जैसे किसी ने अपने हाथों से बनाया हो।
  • इनके पैरों के पास एक जल की छोटा सा कुंड है। इसमें 12 महीनों पानी रहता है।
  • मेंहदीपुर बालाजी को दुष्ट आत्माओं से छुटकारा दिलाने के लिए दिव्य शक्ति से प्रेरित हनुमानजी का बहुत ही शक्तिशाली मंदिर माना जाता है।
  • मंदिर जयपुर-बांदीकुई- बस मार्ग पर जयपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर है।
  • दो पहाडिय़ों के बीच की घाटी में स्थित होने के कारण इसे घाटा मेहंदीपुर भी कहते हैं।
  • बुरी आत्माओं और काले जादू से पीड़ित रोगों से छुटकारा पाने लोग यहां आते हैं। इस मन्दिर को इन पीड़ाओं से मुक्ति का एकमात्र मार्ग माना जाता है।
  • मंदिर के पंडित इन रोगों से मुक्ति के लिए कई उपचार बताते हैं।
  • शनिवार और मंगलवार को यहां आने वाले भक्तों की संख्या लाखों में पहुंच जाती है।

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